भारतीय शिक्षा बोर्ड: एक संक्षिप्त परिचय
भारतीय शिक्षा बोर्ड: एक संक्षिप्त परिचय
भारतीय शिक्षा बोर्ड भारत सरकार द्वारा स्थापित एक राष्ट्रीय स्कूल शिक्षा बोर्ड है जिसका उद्देश्य भारतीय शिक्षा में भारतीय मूल्यों को पुनर्स्थापित करना है। इस बोर्ड के संचालन का दायित्व स्वामी रामदेव के पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट को सौंपा गया है।
बोर्ड का गठन और उद्देश्य
गठन: भारत सरकार ने स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर शिक्षा में भारतीयता लाने के लिए इस बोर्ड का गठन किया।
उद्देश्य:
भारतीय मूल्यों और संस्कृति को शिक्षा में शामिल करना।
विदेशी शिक्षा पद्धतियों के विकल्प के रूप में एक स्वदेशी शिक्षा मॉडल प्रदान करना।
महर्षि दयानंद की पुरातन शिक्षा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय स्थापित करना।
पाठ्यक्रम तैयार करना, स्कूलों को संबद्ध करना, परीक्षा आयोजित करना और प्रमाण पत्र जारी करना।
प्रमुख विशेषताएं
एनसीएफ आधारित पाठ्यक्रम: राष्ट्रीय पाठ्यचर्चा की रूपरेखा पर आधारित पाठ्यक्रम।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए प्रावधान: ऐसे बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं।
प्रशिक्षित शिक्षक: योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा शिक्षा प्रदान की जाती है।
सुरक्षित और अनुकूल शिक्षा वातावरण: बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण।
चुनौतियाँ और विवाद
अन्य संगठनों द्वारा आपत्ति: महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान ने बोर्ड के गठन पर आपत्ति जताई थी।
पाठ्यक्रम और मूल्यांकन: पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली को लेकर कुछ चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
भारतीय शिक्षा बोर्ड भारतीय शिक्षा के परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है। यह बोर्ड भारतीय मूल्यों और संस्कृति को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर एक नई पीढ़ी को तैयार करने का प्रयास कर रहा है।
अधिक जानकारी के लिए:
वेबसाइट: https://bsb.org.in
संपर्क:
हरिद्वार कार्यालय: पीछे पतंजलि योगपीठ, फेज-2, दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग, बहादुराबाद, हरिद्वार, उत्तराखंड - 249405
नोएडा कार्यालय: (संस्कार स्टूडियो) भारतीय शिक्षा बोर्ड एफसी-16, फिल्म सिटी, सेक्टर-16ए, नोएडा, उत्तर प्रदेश, पिन कोड-201301
फोन नंबर: +91 8954999000
ईमेल: info@bsb.org.in, secretary@bsb.org.in
नोट: यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। अधिक सटीक जानकारी के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से संपर्क करें।

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