नई शिक्षा की ओर कदम: 9वीं से 12वीं तक का बदला हुआ सिलेबस और ब्रिज कोर्स की अनिवार्यता





राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्कूली शिक्षा के लिए लाए जा रहे बड़े बदलावों की कड़ी में, अब माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं (9वीं से 12वीं) के लिए नया पाठ्यक्रम और पुस्तकें जारी करने की समय-सारणी लगभग तय हो चुकी है। यह परिवर्तन राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE)पर आधारित होगा, जिसका उद्देश्य छात्रों को रटने की प्रणाली से निकालकर रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और वास्तविक दुनिया के कौशल से लैस करना है।


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📚 कब मिलेंगी नई NCERT किताबें?


पहली से 8वीं कक्षा तक के लिए नई पुस्तकें पहले ही चरणों में जारी की जा चुकी हैं। अब सभी की निगाहें 9वीं से 12वीं तक की नई किताबों पर टिकी हैं। NCERT ने इनकी उपलब्धता के लिए निम्नलिखित समय-सीमा तय की है:


| कक्षा | नई किताबों की उपलब्धता का लक्ष्य |

| 9वीं और 11वीं | फरवरी 2026 तक ज्यादातर किताबें |

| 10वीं और 12वीं | जुलाई 2026 तक सभी किताबें |


यह स्पष्ट है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ये सभी कक्षाएं पूरी तरह से नए पैटर्न पर आधारित पुस्तकों से पढ़ाई करेंगी। NCERT के निदेशक प्रोफेसर दिनेश सकलानी के अनुसार, इन पुस्तकों को तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की अलग-अलग समितियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।




🌉 ब्रिज कोर्स: नए सिलेबस से तालमेल बिठाने की तैयारी


पुराने पैटर्न से नए सिलेबस में जाने वाले छात्रों के लिए ब्रिज कोर्स  को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को नए शैक्षणिक परिवेश और विषयों की समझ के लिए तैयार करना है।


11वीं कक्षा के छात्रों के लिए: अगले साल 11वीं में आने वाले छात्रों को 6 सप्ताह का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। यह इसलिए आवश्यक है क्योंकि वे 10वीं तक पुराने सिलेबस से पढ़ते रहे होंगे।

10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए: इस समय 10वीं की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी अगली कक्षा में नए सिलेबस से पहले ब्रिज कोर्स करना होगा।

9वीं कक्षा के छात्रों के लिए अपवाद: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगले वर्ष 9वीं में प्रवेश लेने वाले छात्रों को ब्रिज कोर्स की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे 8वीं तक नई NCERT किताबों से पढ़ाई कर चुके होंगे, जिससे वे सीधे नए सिलेबस में आसानी से समायोजित हो पाएंगे।




✨ क्या होगा इन नई किताबों में खास?


नई NCERT किताबें केवल नया कंटेंट ही नहीं लाएंगी, बल्कि शिक्षण के तरीके में भी बड़ा बदलाव करेंगी:


कम किया गया बोझ: कंटेंट को कम किया गया है ताकि छात्र रटने की बजाय सीखने और समझने पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

गतिविधियों पर जोर: एक्टिविटीज और ग्राफिक्स के माध्यम से सिखाने पर खास जोर दिया जाएगा, जिससे शिक्षा को और अधिक रोचक और व्यावहारिक बनाया जा सके।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन: ये सभी पुस्तकें पूरी तरह से NCF-SE के सिद्धांतों पर आधारित होंगी, जो NEP 2020 के मूल लक्ष्यों (जैसे बहु-विषयक शिक्षा, कौशल विकास) को जमीन पर उतारने का काम करेंगी।




 💡 निष्कर्ष: एक सुनहरे भविष्य की ओर


यह परिवर्तन भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए एक निर्णायक मोड़ है। 2026-27 से शुरू होने वाला यह नया शैक्षणिक चक्र छात्रों को अधिक समावेशी, लचीली और आधुनिक शिक्षा प्रदान करेगा। ब्रिज कोर्स जैसे उपाय यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों को बदलाव के दौर में कोई कठिनाई न हो। यह समय शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों के लिए इन बदलावों को समझने और खुद को इसके लिए तैयार करने का है, ताकि हम सब मिलकर एक ज्ञान-आधारित समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।



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